बादल
सिन्धु से उठा गुबार प्रक्रति में जब बादल बन आता है /
तप्त धरा की तपन मिटाने अम्बर में छा जाता है//
जब जब धरती तपे ;पसीना
ये धरती का बन जाएँ
कही पै बरसें धुंआधार बन
झील सरित सरि बौराएँ
द्युति दमके नभ मंडल गरजे ऐसा प्रलय मचाता है /
सिन्धु से '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''//१//
चतुर्मास तक वसुंधरा की
ये घन प्यास बुझाते हैं
चतुर कृषक निज कृषी सँवारें
दादुर धूम मचाते हैं
जल बरसाते रिमझिम रिमझिम तब सावन आजाता है /
सिन्धु से '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''''''''''''''''' ''''''''''''''''''//२//
कभी सुनहरे सिन्दूरी तो
कभी श्वेत ये हो जाते
बनजाएँ घन श्याम धरा पर
आकर जब जल बरसाते
सुप्त बीज के अन्दर जाकर यह चैतन्य जगाता है /
सिन्धु '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''''''''''''''''' ''''''''''''//३//
सूने जीवन में रस आए
इसकी मधुर फुहारों से
प्यासा चातक प्यास बुझाये
स्वाति बूँद अम्बारों से
धरती माँ को हरी चुनरिया यह आकर दे जाता है /
सिन्धु से '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''//४//
प्रमुदित मोर झूम कर नाचें
घन गर्जन झंकारों से
घोर घटा पर बैठ चाँदनी
झाँके झुक गलियारों से
"मधुकर" ;पवन सवार हुआ यह जब तूफां बन आता है /
सिन्धु से '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''''''''''''''''' '''''''''''''''//५//
तप्त धरा की तपन मिटाने अम्बर में छा जाता है//
जब जब धरती तपे ;पसीना
ये धरती का बन जाएँ
कही पै बरसें धुंआधार बन
झील सरित सरि बौराएँ
द्युति दमके नभ मंडल गरजे ऐसा प्रलय मचाता है /
सिन्धु से ''''''''''''''''''''''''''''''
चतुर्मास तक वसुंधरा की
ये घन प्यास बुझाते हैं
चतुर कृषक निज कृषी सँवारें
जल बरसाते रिमझिम रिमझिम तब सावन आजाता है /
सिन्धु से ''''''''''''''''''''''''''''''
कभी सुनहरे सिन्दूरी तो
कभी श्वेत ये हो जाते
बनजाएँ घन श्याम धरा पर
आकर जब जल बरसाते
सुप्त बीज के अन्दर जाकर यह चैतन्य जगाता है /
सिन्धु ''''''''''''''''''''''''''''''
सूने जीवन में रस आए
इसकी मधुर फुहारों से
प्यासा चातक प्यास बुझाये
स्वाति बूँद अम्बारों से
धरती माँ को हरी चुनरिया यह आकर दे जाता है /
सिन्धु से ''''''''''''''''''''''''''''''
प्रमुदित मोर झूम कर नाचें
घन गर्जन झंकारों से
घोर घटा पर बैठ चाँदनी
झाँके झुक गलियारों से
"मधुकर" ;पवन सवार हुआ यह जब तूफां बन आता है /
सिन्धु से ''''''''''''''''''''''''''''''

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